एसएसकेएम अस्पताल में स्त्री रोग और लेप्रोस्कोपी का तीन दिवसीय फेलोशिप कार्यक्रम सफल रहा : डॉ. सिराज अहमद
एसएसकेएम अस्पताल में स्त्री रोग और लेप्रोस्कोपी का तीन दिवसीय फेलोशिप कार्यक्रम सफल रहा : डॉ. सिराज अहमद

एसएसकेएम अस्पताल के सभागार में तीन दिवसीय स्त्री रोग और लेप्रोस्कोपी फेलोशिप का सफल कार्यक्रम हुआ, जिसमें पूरे भारत के सर्जनों ने भाग लिया। यह ऐसी सर्जरी है, जिसका प्रशिक्षण हर जगह नहीं होता है। एसएसकेएम अस्पताल इसके लिए एक बेहतर अस्पताल है। एसएसकेएम के विभाग ऑफ सर्जरी ने एसोसिएशन ऑफ मेम्बर सर्जरी ऑफ इंडिया के साथ मिलकर इस तीन दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया। यह एक प्रकार की माइक्रो सर्जरी है।
इसमें देश भर के 250 डॉक्टरों ने भाग लिया, जिनमें 140 स्त्री रोग विशेषज्ञ थे और 110 लेप्रोस्कोपी सर्जन थे। यहाँ तीन दिनों तक प्रैक्टिकल और थ्योरी कक्षाएँ चलीं। उनकी परीक्षा ली गई। कैसे माइक्रोलॉजी सर्जरी की जाती है, इसका टेस्ट लिया गया। सात दिनों के बाद इसका रिजल्ट आएगा। जो पास करेंगे, उन्हें सर्टिफिकेट दे दिया जाएगा। यह निहायत बेहतर प्रोग्राम था।
यहाँ एसएसकेएम अस्पताल के सभागार में एक साथ दो तरह की ट्रेनिंग हुई – एक स्त्री रोग विशेषज्ञों के लिए और एक लेप्रोस्कोपी के लिए। इससे किसी को कोई दिक्कत नहीं हुई, सभी ने कान में हेडफोन लगा रखा था। यहाँ कोई शोर नहीं था। खामोशी के साथ सभी ने अपना लेक्चर सुना। इससे हॉल का खर्च और समय, दोनों बच जाते हैं। यहाँ एमसीक्यू टेस्ट के साथ-साथ बायवा (बाय-वे / व्यवस्था) हुआ।
यहाँ इस प्रोग्राम में पूरे भारत के सर्जनों ने भाग लिया। राजस्थान, साउथ इंडिया, कश्मीर के अलावा वेस्ट बंगाल के भी डॉक्टर इस प्रोग्राम में मौजूद थे। बंगाल से सौ डॉक्टर थे। जो फैकल्टी थे, उनमें एक नेशनल और दो इंटरनेशनल थे। गुजरात और साउथ के भी फैकल्टी आए हुए थे। एसोसिएशन ऑफ मेम्बर सर्जरी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष और सचिव भी आए हुए थे।
एसएसकेएम की तरफ से डॉ. सिराज अहमद कन्वेनर के रूप में यहाँ मौजूद थे। उनके अलावा एचओडी और प्रणब मंडल भी मौजूद थे। हम तीन लोगों ने मिलकर इस प्रोग्राम को चलाया। यहाँ सर्जनों को काफी कुछ सीखने का मौका मिला। पहली बार यहाँ ऐसा हुआ जो निहायत कामयाब रहा।
यहाँ जिन लोगों ने भाग लिया, वे काफी खुश थे। उनका कहना था कि बंगाल सिर्फ राजनीति के लिए मशहूर था, लेकिन यहाँ आकर लगा कि यहाँ स्वास्थ्य पर बड़ा काम हुआ है। स्वास्थ्य के मामले में भी यह राज्य आगे है। इन लोगों ने कहा कि अच्छी ट्रेनिंग हुई। एसएसकेएम अस्पताल को संस्थान की सेंट्रल बॉडी ने इस ट्रेनिंग के लिए चुना था। सात दिनों के बाद इस टेस्ट में पास होने वाले डॉक्टरों को फेलोशिप का सर्टिफिकेट दे दिया जाएगा।

